मेला शुरू, दुकानें बंद एनएचपीसी की टालमटोल पर फूटा गुस्सा, जीएम ऋषि रंजन का पुतला फूंक कर जताया आक्रोश।
टनकपुर (चम्पावत)। आस्था और आर्थिकी के संगम माने जाने वाले माँ पूर्णागिरी मेले में इस बार श्रद्धालुओं की भीड़ तो उमड़ रही है, लेकिन स्थानीय दुकानदारों की रोजी-रोटी पर प्रशासनिक उदासीनता का साया पड़ता नजर आ रहा है। अस्थायी दुकानों को अनुमति देने में हो रही देरी के विरोध में आक्रोशित स्थानीय जनता और दुकानदारों ने शारदा बैराज के निकट क्रेशर रोड पर NHPC के महाप्रबंधक ऋषि रंजन का पुतला दहन कर जोरदार प्रदर्शन किया।प्रदर्शनकारियों का कहना है कि मेला शुरू हों गया हैं, लेकिन अभी तक अस्थायी दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं दी गई है। इससे छोटे व्यापारियों और स्थानीय परिवारों की आजीविका पर सीधा असर पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि हर वर्ष शारदा बैराज पुल के निर्माण के बाद से मेले के दौरान इसी स्थान पर दुकानें लगती रही हैं, लेकिन इस बार NHPC प्रबंधन की “फाइलों की यात्रा” खत्म होने का नाम नहीं ले रही है।
स्थानीय लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि “मेला श्रद्धालुओं के लिए खुला है, मगर दुकानदारों के लिए मानो अनुमति का दरवाजा बंद है।” उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। पुतला दहन के बाद प्रदर्शनकारी शारदा बैराज किनारे CISF बैरियर के पास आमरण अनशन पर बैठ गए। आंदोलन स्थल पर व्यापार मंडल टनकपुर के पदाधिकारी भी पहुंचे और दुकानों को अनुमति न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आंदोलन को अपना समर्थन दिया।
सामाजिक कार्यकर्ता दीप चंद्र पाठक पिछले लगभग दस दिनों से दुकानदारों की मांग को लेकर प्रशासन से लगातार संवाद कर रहे हैं। पुतला दहन कार्यक्रम में भी वे दुकानदारों के साथ मौजूद रहे और शाम करीब छह बजे से धरना स्थल पर बैठकर आंदोलन को समर्थन दिया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय महिलाएं, व्यापारी और युवा शामिल रहे। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही दुकानों को लगाने की अनुमति नहीं दी गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
प्रदर्शन में भावना गंगवार, रचना गंगवार, शंकर लाल, ममता, सोनू (सुनील), अंशु (अंकित), राधा, किरण, राजकुमारी, पूनम, चंपा देवी, खुशबू कश्यप, आशीष, आयु देवी, सुशील देवी, ममता देवी, प्रिया कश्यप, सुमन, सरिता, गीता, लक्ष्मी, शकुंतला, सोमवती, धर्मेंद्र, अभिषेक, आकाश, राम ललित, शिबिन बाबू, दिनेश, विरेंद्र शाह, अशोक, भुवन, भोल्या, अनिरुद्ध, लीला देवी, प्रेमा दयारी, हरगोविंद, खिला प्रसाद, रोहित, पिंकी, नेहा, सुनीता देवी, कमला देवी, उषा देवी, राजकुमार, निरंजन, विनोद, नीलम, मिंटू, श्याम, नीतू, विशाल, हरीश सिंह, विक्रम, नगीना राम, लीलावती, हेमा, अंजली, आशा, रामू, सीमा सहित कई लोग मौजूद रहे।

