कार्य बहिष्कार – बनबसा में सफाई कर्मियों ने आंदोलन का फूंका बिगुल: 13 सूत्रीय मांगों पर कार्य बहिष्कार, प्रशासन को दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।
बनबसा (चम्पावत)। नगर पंचायत बनबसा में बुधवार को सफाई कर्मचारियों/पर्यावरण मित्रों का आक्रोश आंदोलन के रूप में फूट पड़ा। देवभूमि उत्तराखंड सफाई कर्मचारी संघ के बैनर तले सफाई कर्मियों ने अपनी 13 सूत्रीय लंबित मांगों को लेकर सांकेतिक धरना और अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार का आगाज़ किया। आंदोलन का पहला दिन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा, लेकिन संघ के तेवर साफ तौर पर आक्रामक और निर्णायक नजर आए। धरना स्थल पर संघ पदाधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पर्यावरण मित्र मौजूद रहे। कार्यक्रम की अगुवाई अध्यक्ष प्रमोद रत्नाकर और महामंत्री महेंद्र पाल ने की। संघ पदाधिकारियों ने दो टूक शब्दों में कहा कि सफाई कर्मचारियों की 13 सूत्रीय मांगें काफी समय से पंचायत प्रशासन की फाइलों में धूल खा रही हैं। बार-बार ज्ञापन देने और वार्ता के बावजूद प्रशासन की ओर से केवल खोखले आश्वासन ही मिले हैं। एक भी मांग पर अब तक ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है।
धरना स्थल से प्रशासन को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए संघ ने स्पष्ट किया कि यदि शीघ्र ही मांगों पर सकारात्मक और लिखित निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। इसके परिणामस्वरूप नगर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा सकती है, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी।सफाई कर्मचारियों ने चेताया कि वे अपने अधिकारों के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। आंदोलन के पहले ही दिन कर्मचारियों की एकजुटता ने प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि नगर पंचायत प्रशासन कब तक नींद से जागता है और सफाई कर्मियों की जायज मांगों पर क्या फैसला लेता है। यह आने वाला समय बताएगा। इस दौरान संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजन कुमार, उपाध्यक्ष अभिषेक, संगठन मंत्री अरुण वाल्मीकि, कोषाध्यक्ष राजा वाल्मीकि, मीडिया प्रभारी निखिल समेत अनेक पदाधिकारी व कर्मचारी मौजूद रहे।


