विराट हिन्दू सम्मेलन – टनकपुर के ग्राम पंचायत छीनीगोठ में विराट हिन्दू सम्मेलन का हुआ भव्य आयोजन, गौ पूजन, दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ शुभारम्भ।

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विराट हिन्दू सम्मेलन – टनकपुर के ग्राम पंचायत छीनीगोठ में विराट हिन्दू सम्मेलन का हुआ भव्य आयोजन, गौ पूजन, दीप प्रज्वलन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ हुआ शुभारम्भ।

➡️ समाज के संकट और हिंदुत्व का जागरण, विचारों से कर्म तक का आह्वान.

➡️ भगवा त्याग का रंग हैं, यह नारा केवल प्रतीक नहीं बल्कि कर्तव्यबोध का हैं स्मरण.

टनकपुर (चम्पावत)। जनपद चम्पावत के टनकपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत छीनीगोठ के रामलीला मैदान में रविवार को विराट हिन्दू सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि सर्वमंगल गौर दास, अध्यक्ष इस्कान मंदिर रुद्रपुर के कर कमलों से गौ माता पूजन एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि स्वामी महंत संध्यागिरी महाराज की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ता विभाग प्रचारक पिथौरागढ़ वतन रहे, जिन्होंने समाज, संस्कृति और राष्ट्र के प्रति हिन्दू समाज की भूमिका पर विस्तार से प्रकाश डाला। सम्मेलन की शुरुआत विवेकानंद विद्या मंदिर, कस्तूरबा गांधी आवासीय छात्रावास एवं शारदा विद्यामंदिर की बालिकाओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना, स्वागत गीत एवं विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों से हुई, जिन्हें उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।

अपने उद्बोधन में वक्ताओं ने कहा कि समाज पर आने वाले संकटों से निपटने के लिए केवल अहिंसा ही नहीं, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर त्याग और साहस का मार्ग भी अपनाना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि इतिहास साक्षी है कि द्रोणाचार्य ने कर्ण और अर्जुन दोनों को शिक्षा दी, वहीं कर्ण ने परशुराम से भी विद्या ग्रहण की, अर्थात ज्ञान और शक्ति का सदुपयोग ही समाज को दिशा देता है। वक्ताओं ने राजा परीक्षित के शासनकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि उनका राज्य सम्पूर्ण पृथ्वी पर फैला था, लेकिन जहाँ-जहाँ हिन्दू समाज कमजोर हुआ, वहाँ अशांति ने जन्म लिया। उन्होंने विदेशी शक्तियों द्वारा देशविरोधी ताकतों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए समाज को सतर्क रहने का आह्वान किया।सम्मेलन में यह भी कहा गया कि केवल सम्मेलन कर घर जाकर सो जाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि हिन्दुत्व का सतत जागरण आवश्यक है। वक्ताओं ने कहा कि भगवा त्याग का रंग है, और दुर्भाग्यवश आज हिन्दुत्व की भावना केवल भारत-पाकिस्तान क्रिकेट मैच जैसे अवसरों पर ही प्रकट होती है, जबकि हिन्दू समाज को हर समय सजग और जागरूक रहना होगा।उन्होंने समाज से आह्वान किया कि आने वाले समय में त्याग, समर्पण और संगठन के लिए तैयार रहना ही राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा का मार्ग है।

सम्मेलन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सामाजिक कार्यकर्ता एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन स्मृति चिन्ह वितरण, प्रसाद वितरण एवं राष्ट्र और धर्म के प्रति एकजुटता के संकल्प के साथ किया गया।

अम्बादत्त पंत के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में जितेंद्र, जगदीश चंद्र जोशी, दिवाकर, जिलाध्यक्ष मुकेश जोशी, दिनेश चंद्र भट्ट, नारायण चिलकोटी, हरीश कांडपाल, हरीश जोशी, पुष्पा विश्वकर्मा, ललिता सिंह, इंद्रदेव विश्वकर्मा, राधिका चंद, निर्मला जोशी, हेमराज, वार्डन प्रेमा ठाकुर, अनीता यादव, कविता थापा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

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