देवदार वनों के संरक्षण संग जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण: लोहाघाट में वृहद स्वच्छता अभियान संपन्न, पर्यावरण संरक्षण का दिया सन्देश।

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देवदार वनों के संरक्षण संग जनभागीदारी का सशक्त उदाहरण: लोहाघाट में वृहद स्वच्छता अभियान संपन्न, पर्यावरण संरक्षण का दिया सन्देश।

लोहाघाट। रविवार को जनपद चम्पावत के लोहाघाट नगर में जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में एक वृहद स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया, जो प्रातः 8:00 बजे बाड़ी गाड़ से प्रारम्भ होकर डिग्री कॉलेज रोड तक संचालित हुआ। यह अभियान केवल स्वच्छता तक सीमित न रहकर देवदार वनों के संरक्षण एवं जनजागरूकता का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरा। अभियान की सबसे विशेष बात जनभागीदारी रही जिसमें नगर क्षेत्र से बड़ी संख्या में आम नागरिकों, युवाओं, महिलाओं, स्वयंसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक श्रमदान कर इस अभियान को जनआंदोलन का रूप दे दिया। लोगों का उत्साह इस बात का प्रतीक था कि अब स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम न होकर जनसंकल्प बनती जा रही है। नगर क्षेत्र एवं आसपास स्थित देवदार वनों की स्वच्छता एवं संरक्षण को ध्यान में रखते हुए मार्गों, सार्वजनिक स्थलों तथा वन क्षेत्रों में व्यापक साफ-सफाई की गई। अभियान के दौरान प्लास्टिक एवं अन्य कचरे को एकत्र कर पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ठोस कदम उठाए गए। अधिशासी अधिकारी लोहाघाट सौरव नेगी ने जानकारी दी कि इस दौरान 13 टन से अधिक कूड़ा विभिन्न स्थानों से एकत्र किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी ने स्वयं झाड़ू एवं रेक (पंजा) उठाकर सड़कों के किनारे फैले कचरे एवं जंगलों में फैके कूड़े को साफ किया और उपस्थित लोगों को श्रमदान के लिए प्रेरित किया।अभियान में शामिल नागरिकों ने न केवल सफाई कार्य में योगदान दिया, बल्कि स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुँचाया। कई युवाओं एवं स्वयंसेवी संगठनों ने इसे निरंतर चलाए जाने वाले जनअभियान में बदलने का संकल्प लिया।

जिलाधिकारी मनीष कुमार ने सभी उपस्थित नागरिकों एवं प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि”स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। जब तक जनसहभागिता नहीं होगी, तब तक ऐसे प्रयास स्थायी सफलता नहीं प्राप्त कर सकते। लोहाघाट की स्वच्छता एवं देवदार वनों के संरक्षण हेतु प्रत्येक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी।” उन्होंने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि वे इस प्रकार के अभियानों से जुड़कर नियमित रूप से श्रमदान करें तथा अपने आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग दें। अभियान के माध्यम से सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे अपने आसपास स्वच्छता बनाए रखने के साथ-साथ जंगलों, जल स्रोतों, नदियों एवं पारंपरिक नौलों के संरक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। यह भी बताया गया कि जल स्रोतों के संरक्षण से संभावित जल संकट से बचाव संभव है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक धरोहर सुरक्षित रखी जा सकती है। अभियान के दौरान श्रमदान में जुटे लोगों ने कहा कि जंगलों में फैला कूड़ा कहीं न कहीं स्वयं स्थानीय लोगों द्वारा ही डाला गया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से स्वीकार किया कि इस स्थिति को सुधारना भी अब हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने नगरवासियों से अपील करते हुए कहा कि अंधेरे या छिपकर जंगलों में कूड़ा फेंकने की प्रवृत्ति को तुरंत बंद किया जाए। ऐसा करना न केवल पर्यावरण के लिए हानिकारक है, बल्कि जल स्रोतों एवं देवदार वनों के अस्तित्व के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने सभी नागरिकों से आग्रह किया कि कूड़ा निर्धारित स्थानों पर ही डाला जाए तथा स्वच्छ लोहाघाट के निर्माण में सक्रिय सहयोग दिया जाए, ताकि नगर की प्राकृतिक सुंदरता एवं पर्यावरण संतुलन को सुरक्षित रखा जा सके।

इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद वर्मा, निर्मल महरा, मुख्य विकास अधिकारी डॉ. जी. एस. खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।

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